28 महिलाओं का रेस्क्यू, 15 हिरासत में; मानव तस्करी नेटवर्क की भी जांच
नोएडा। गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस ने महिला सुरक्षा और मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन रक्षा' के तहत शनिवार को ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 थाना क्षेत्र में संचालित चार स्पा सेंटरों पर बड़ी छापेमारी की। इस कार्रवाई में पुलिस ने 28 महिलाओं का रेस्क्यू किया, जबकि 15 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं इन स्पा सेंटरों के माध्यम से अंतरराज्यीय मानव तस्करी या संगठित देह व्यापार का नेटवर्क तो संचालित नहीं किया जा रहा था।
समाजसेवी संस्था की शिकायत पर हुई कार्रवाई: पुलिस के अनुसार, एक समाजसेवी संस्था से प्राप्त शिकायत में आरोप लगाया गया था कि बीटा-2 क्षेत्र के कुछ स्पा सेंटरों में मसाज की आड़ में अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। शिकायत के सत्यापन के बाद शनिवार देर शाम एसीपी प्रशाली गंगवार के नेतृत्व में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने साइट-4 के पास स्थित एक इमारत में एक साथ चार स्पा सेंटरों पर छापा मारा।
टीम को देखकर मची अफरा-तफरी: पुलिस टीम के मौके पर पहुंचते ही स्पा सेंटरों के आसपास मौजूद कई लोगों में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोग जल्दबाजी में वहां से निकलने का प्रयास करते दिखाई दिए। पुलिस ने पूरे परिसर की घेराबंदी कर स्पा सेंटरों के संचालकों से लाइसेंस, पंजीकरण और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की।
28 महिलाएं और 15 पुरुष हिरासत में: छापेमारी के दौरान चारों स्पा सेंटरों से कुल 28 महिलाओं और 15 पुरुषों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान कई महिलाएं स्पा सेंटर में अपनी मौजूदगी का संतोषजनक कारण नहीं बता सकीं। हिरासत में लिए गए पुरुषों में कुछ को ग्राहक और कुछ को स्पा सेंटर का कर्मचारी बताया जा रहा है। सभी से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है।
कंडोम सहित आपत्तिजनक सामग्री बरामद: पुलिस को छापेमारी के दौरान स्पा सेंटरों से कंडोम सहित अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी मिली है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि मसाज की आड़ में देह व्यापार संचालित किया जा रहा था। मौके से मिले सामान को पुलिस ने जब्त कर लिया है और उसे जांच का हिस्सा बनाया गया है।
बस से थाने लाए गए सभी लोग: कार्रवाई के बाद महिलाओं और पुरुषों को थाने लाने के लिए विशेष बस की व्यवस्था की गई। थाने में सभी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। पुलिस उनके बयान, पहचान और आपसी संबंधों की भी जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क की सच्चाई सामने आ सके। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू की गई सभी महिलाओं को मेडिकल परीक्षण और आवश्यक काउंसलिंग के लिए भेजा गया है। फिलहाल उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा गया है, जहां उन्हें मानसिक और कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यदि जांच में कोई महिला मानव तस्करी की शिकार पाई जाती है तो उसके पुनर्वास की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
डिजिटल सबूतों और सीसीटीवी फुटेज की जांच: जांच एजेंसियां स्पा सेंटरों से बरामद मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड, ग्राहकों का डाटा और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन केंद्रों का संचालन किन लोगों द्वारा किया जा रहा था और क्या इनके तार किसी बड़े अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं।
डीसीपी महिला सुरक्षा का बयान: डीसीपी महिला सुरक्षा सुनीति सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके आधार पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है। यदि मानव तस्करी, अनैतिक देह व्यापार या अन्य संगठित अपराध से जुड़े साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। कमिश्नरेट पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी स्थान पर मसाज सेंटर, स्पा या अन्य प्रतिष्ठानों की आड़ में अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा, मानव तस्करी की रोकथाम और संगठित अपराध के खिलाफ ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
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