'प्रोजेक्ट समर्थ' से सहारा: अरुण शर्मा को मिला स्वरोजगार के लिए मिला व्यावसायिक खोखा
दान नहीं, सम्मानजनक रोजगार हमारा लक्ष्य: ऋचा बल्लभ खुल्बाई
गाजियाबाद। शारीरिक दिव्यांगता किसी व्यक्ति की प्रतिभा और आत्मविश्वास को सीमित नहीं कर सकती, यदि उसे सही अवसर और सहयोग मिले। इसी सोच को साकार करते हुए जिला प्रशासन और नीव शक्ति संस्था की पहल 'प्रोजेक्ट समर्थ' दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के मार्गदर्शन में संचालित प्रोजेक्ट समर्थ के तहत वसुंधरा निवासी लोकोमोटर दिव्यांग अरुण शर्मा को बुद्ध चौक, सेक्टर-5 स्थित स्थान पर स्वरोजगार के लिए एक व्यावसायिक खोखा उपलब्ध कराया गया।
खोखे का उद्घाटन नीव शक्ति संस्था की संस्थापक ऋचा बल्लभ खुल्बाई ने किया। संस्था द्वारा केवल खोखा ही उपलब्ध नहीं कराया गया, बल्कि जिला प्रशासन की ओर से व्यवसाय संचालन के लिए आवश्यक अनुमति पत्र भी प्रदान किया गया, जिससे अरुण शर्मा सम्मानपूर्वक अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। इससे पहले भी सिद्धार्थ विहार क्षेत्र में कई दिव्यांगजनों को इसी प्रकार स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा चुका है। इस अवसर पर संस्था की टीम से ऋतु बंसल, रूपा शर्मा, हरिओम, निकिता और अमित सागर पाठक सहित अनेक दिव्यांगजन, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
संस्था की संस्थापक ऋचा बल्लभ खुल्बाई ने कहा कि प्रोजेक्ट समर्थ का उद्देश्य दिव्यांगजनों को दान देना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक स्वरोजगार उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के सहयोग से भविष्य में भी अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। लाभार्थी अरुण शर्मा ने कहा कि पहले रोजगार को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी, लेकिन अब प्रोजेक्ट समर्थ के माध्यम से उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिला है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली से दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है। प्रोजेक्ट समर्थ आज गाज़ियाबाद में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास का एक प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभर रहा है, जो जरूरतमंद लोगों को सम्मान के साथ आजीविका से जोड़ने का कार्य कर रहा है।
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