गाजियाबाद। लोनी थाना पुलिस ने तस्लीम उर्फ चीनी हत्याकांड का सफल खुलासा करते हुए 15 हजार रुपये के इनामी आरोपी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या की वारदात पुरानी रंजिश के चलते अंजाम दी गई थी। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, 11 जून 2026 को थाना लोनी में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि फैसल, शेरुद्दीन, आमिर और आयान ने मिलकर तस्लीम उर्फ चीनी की हत्या कर दी। शिकायत के आधार पर थाना लोनी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले के खुलासे के लिए गठित पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मैनुअल इंटेलिजेंस की मदद से जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान साबिर और आमीन के नाम भी सामने आए, जिन्हें 15 जून 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश जारी रखी। 12 जुलाई 2026 को मुखबिर की सूचना पर थाना लोनी पुलिस ने 15 हजार रुपये के इनामी आरोपी शेर खान उर्फ शेरुद्दीन (35) पुत्र जमकुद्दीन निवासी जैन कॉलोनी थाना लोनी और आमिर (21) पुत्र नवाब शेर निवासी जैन कॉलोनी को लोनी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में किया बड़ा खुलासा: पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले मृतक तस्लीम उर्फ चीनी ने अपने साथी रिहान के साथ मिलकर उनके ममेरे भाई यूनुस की हत्या की थी। इसी घटना को लेकर दोनों पक्षों के बीच रंजिश चल रही थी। आरोपियों का दावा है कि तस्लीम सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर उन्हें धमकाता था और गवाही न देने का दबाव बनाता था। इसी रंजिश के चलते 10 जून 2026 को मौका पाकर उन्होंने तस्लीम पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ इस मामले में मुकदमा दर्ज है। मामले की जांच जारी है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, 11 जून 2026 को थाना लोनी में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि फैसल, शेरुद्दीन, आमिर और आयान ने मिलकर तस्लीम उर्फ चीनी की हत्या कर दी। शिकायत के आधार पर थाना लोनी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले के खुलासे के लिए गठित पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मैनुअल इंटेलिजेंस की मदद से जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान साबिर और आमीन के नाम भी सामने आए, जिन्हें 15 जून 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश जारी रखी। 12 जुलाई 2026 को मुखबिर की सूचना पर थाना लोनी पुलिस ने 15 हजार रुपये के इनामी आरोपी शेर खान उर्फ शेरुद्दीन (35) पुत्र जमकुद्दीन निवासी जैन कॉलोनी थाना लोनी और आमिर (21) पुत्र नवाब शेर निवासी जैन कॉलोनी को लोनी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में किया बड़ा खुलासा: पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले मृतक तस्लीम उर्फ चीनी ने अपने साथी रिहान के साथ मिलकर उनके ममेरे भाई यूनुस की हत्या की थी। इसी घटना को लेकर दोनों पक्षों के बीच रंजिश चल रही थी। आरोपियों का दावा है कि तस्लीम सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर उन्हें धमकाता था और गवाही न देने का दबाव बनाता था। इसी रंजिश के चलते 10 जून 2026 को मौका पाकर उन्होंने तस्लीम पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ इस मामले में मुकदमा दर्ज है। मामले की जांच जारी है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
आफताब हत्याकांड: 15 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार
गाजियाबाद। अंकुर विहार थाना पुलिस ने आफताब हत्याकांड में फरार चल रहे 15 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पूछताछ में पुरानी रंजिश के चलते हत्या की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, 24 जून को मृतक आफताब की मां की शिकायत पर थाना अंकुर विहार में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नदीम, साहिल और अन्य आरोपियों ने चाकू मारकर आफताब की हत्या कर दी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी नदीम और साहिल उर्फ मोहम्मद शिराज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, एक बाल अपचारी को अभिरक्षा में लेकर उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई। इसी क्रम में रविवार को थाना अंकुर विहार पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर फरार चल रहे 15 हजार रुपये के इनामी आरोपी मोहम्मद मिराज उर्फ पप्पी उर्फ महराज (19 वर्ष) को थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि करीब पांच-छह महीने पहले उसका आफताब से विवाद हुआ था। इसी रंजिश के कारण वह और उसके साथी उससे बदला लेना चाहते थे। आरोपी के अनुसार, 23 जून 2026 की रात करीब 10:30 बजे उन्होंने आफताब को सभापुर अंडरपास के पास बुलाया। वहां उसके साथ मारपीट की गई और चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
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