मलबे में 5 से 10 लोगों के दबे होने की आशंका, मौके पर राहत व बचाव कार्य जारी
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 स्थित जी-4/जी-5 पॉकेट में एमसीडी स्कूल के पीछे सोमवार शाम एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। बारिश के बीच हुए इस हादसे में एक राहगीर की मौत की सूचना है, जबकि कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस, दमकल विभाग और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें मौके पर युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।
दमकल विभाग के अनुसार, शाम करीब 4:20 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की पांच गाड़ियां, दिल्ली पुलिस और अन्य बचाव एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। मलबा हटाने का कार्य लगातार जारी है।
एक की मौत, दो लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल भेजा गया: प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मलबे से अब तक दो लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है। वहीं आशंका है कि 5 से 10 लोग अब भी मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं। हालांकि इस संख्या की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं हादसे में बाइक मैकेनिक राम की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार, राम अपने परिवार का इकलौते कमाने वाला था. परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं, जिनका पालन-पोषण अब संकट में पड़ गया है। परिवार ने हादसे की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सरकार से उचित मुआवजे की मांग की है।
हादसे के समय भवन में चल रहा था निर्माण कार्य: बताया जा रहा है कि बताया जा रहा है कि हादसे के समय इमारत में निर्माण और रिनोवेशन का काम चल रहा था, इमारत में मजदूर काम कर रहे थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल की बारिश के कारण इमारत कमजोर हो गई थी, जिसके चलते यह हादसा हुआ। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया भयावह मंजर: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और देखते ही देखते पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। कुछ ही सेकंड में चारों ओर धूल का गुबार फैल गया और लोग मदद के लिए चीखने-चिल्लाने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और राहत एजेंसियों को सूचना दी। बताया जा रहा कि गिरी हुई बिल्डिंग के मालिक राहुल दुआ है, जो टेंट हाउस का काम करता था।परिजनों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, बिल्डिंग में रोजाना निर्माण कार्य चलता था और राहुल दुआ स्वयं काम की निगरानी करने आता था। हादसे के समय भी वह बारिश के दौरान इमारत के अंदर मौजूद था, तभी अचानक बिल्डिंग ढह गई।
50 मीटर के दायरे के मकान खाली कराए गए: एहतियात के तौर पर पुलिस ने घटनास्थल के आसपास करीब 50 मीटर के दायरे में स्थित मकानों को खाली करा दिया है। मौके पर एंबुलेंस और मेडिकल टीमें भी तैनात हैं, ताकि घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा सके। हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में मलबे के नीचे दबे एक व्यक्ति का सिर्फ हाथ दिखाई दे रहा है। वह हाथ हिलाकर धीमी आवाज में मदद की गुहार लगाता दिख रहा है। इस दौरान रेस्क्यू टीम के जवान उसे लगातार हौसला देते हुए कहते सुनाई देते हैं, “आप चिंता मत करो… आपका हाथ दिख रहा है… हम आपको सुरक्षित बाहर निकाल लेंगे।”
राहत एवं बचाव अभियान जारी: एनडीआरएफ, दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हैं। फायर टीम के अनुसार, मलबे में दबे लोगों तक पहुंचने के लिए रेस्क्यू टीम कटर मशीन की मदद से कंक्रीट के लिंटर को काट रही है। भारी मलबे के बीच बेहद सावधानी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है, ताकि अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। प्रशासन का कहना है कि जब तक पूरा मलबा नहीं हट जाता, तब तक यह स्पष्ट नहीं हो सकेगा कि हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए हैं। फिलहाल पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
स्रोत: X पर साझा की गई आधिकारिक पोस्ट (एम्बेड)।
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