गाजियाबाद। दिल्ली और ट्रांस हिंडन क्षेत्र के बीच प्रतिदिन आवागमन करने वाले लाखों लोगों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने भोपुरा चौराहे पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से फुटओवर ब्रिज (एफओबी) के निर्माण को मंजूरी देते हुए करीब 10.83 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना के लिए टेंडर जारी कर दिया है।
जीडीए के मुख्य अभियंता आलोक रंजन के अनुसार प्रस्तावित फुटओवर ब्रिज का निर्माण गाजियाबाद-दिल्ली-वजीराबाद मार्ग स्थित व्यस्त भोपुरा इंटरसेक्शन पर किया जाएगा। परियोजना को छह माह (180 दिन) में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि टेंडर प्रक्रिया 6 अगस्त से शुरू हो चुकी है। इच्छुक एजेंसियां 2 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगी, जबकि 5 सितंबर को तकनीकी एवं वित्तीय बोलियां खोली जाएंगी।
भोपुरा चौराहा गाजियाबाद के सबसे व्यस्त यातायात जंक्शनों में शामिल है, जहां दिन-रात भारी संख्या में वाहन गुजरते हैं। वर्तमान में फुटओवर ब्रिज न होने के कारण पैदल यात्रियों, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं, स्कूली बच्चों और दिव्यांगजन को सड़क पार करने के दौरान जान जोखिम में डालनी पड़ती है।
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि फुटओवर ब्रिज बनने के बाद लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से सड़क पार करने की सुविधा मिलेगी। इससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका में कमी आएगी और वाहनों की आवाजाही भी बिना बाधा के जारी रह सकेगी। जीडीए का मानना है कि यह परियोजना पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ भोपुरा चौराहे पर लगने वाले ट्रैफिक जाम को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसका सीधा लाभ दिल्ली और गाजियाबाद के बीच प्रतिदिन यात्रा करने वाले लाखों लोगों को मिलेगा।
जीडीए के मुख्य अभियंता आलोक रंजन के अनुसार प्रस्तावित फुटओवर ब्रिज का निर्माण गाजियाबाद-दिल्ली-वजीराबाद मार्ग स्थित व्यस्त भोपुरा इंटरसेक्शन पर किया जाएगा। परियोजना को छह माह (180 दिन) में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि टेंडर प्रक्रिया 6 अगस्त से शुरू हो चुकी है। इच्छुक एजेंसियां 2 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगी, जबकि 5 सितंबर को तकनीकी एवं वित्तीय बोलियां खोली जाएंगी।
भोपुरा चौराहा गाजियाबाद के सबसे व्यस्त यातायात जंक्शनों में शामिल है, जहां दिन-रात भारी संख्या में वाहन गुजरते हैं। वर्तमान में फुटओवर ब्रिज न होने के कारण पैदल यात्रियों, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं, स्कूली बच्चों और दिव्यांगजन को सड़क पार करने के दौरान जान जोखिम में डालनी पड़ती है।
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि फुटओवर ब्रिज बनने के बाद लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से सड़क पार करने की सुविधा मिलेगी। इससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका में कमी आएगी और वाहनों की आवाजाही भी बिना बाधा के जारी रह सकेगी। जीडीए का मानना है कि यह परियोजना पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ भोपुरा चौराहे पर लगने वाले ट्रैफिक जाम को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसका सीधा लाभ दिल्ली और गाजियाबाद के बीच प्रतिदिन यात्रा करने वाले लाखों लोगों को मिलेगा।
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