माननीय न्यायालय से मिला इंसाफ, जीडीए-नगर निगम भी दे चुके हैं एनओसी:सेवाराम कसाना
मेरी छवि खराब करने के लिए मेयर को गुमराह किया गया, हर जांच को तैयार: कसाना
गाजियाबाद। जिले में नगर निगम की जमीन को भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त कराने के लिए चलाए जा रहे अभियान का जिक्र करते हुए मेयर सुनीता दयाल ने भोपुरा के मूल निवासी सेवाराम कसाना का नाम लिया है। इस पर अब चौधरी सेवाराम कसाना की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा कि मेयर मेरी बहन समान हैं और उनके द्वारा मुझे भूमाफिया कहे जाने से मैं बेहद आहत हूँ। मेरे विरुद्ध गाजियाबाद तो क्या पूरे देश में कहीं भी भूमि कब्जाने का कोई केस दर्ज नहीं है। बल्कि अपनी ही पैतृक जमीन पर हक पाने के लिए मुझे माननीय न्यायालय की शरण में जाना पड़ा। गाजियाबाद एसडीएम कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट तक ने हमारे पक्ष में निर्णय सुनाया है। उनका कहना है कि इन न्यायिक निर्णयों और भूराजस्व अभिलेखों से भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट है।उन्होंने बताया कि भोपुरा स्थित जिस गाटा संख्या 786 की शेष 1427 वर्गमीटर भूमि को नगर निगम की बताया जा रहा है, असल में वह हमारी दादालाई भूमि है, जिसका पूरा रिकॉर्ड मेरे पास है और भूराजस्व के अभिलेखों में भी दर्ज है। यही नहीं उन्होंने यह भी दावा किया कि उक्त भूमि को लेकर पूर्व में जीडीए, डीएलएफ कंपनी और नगर निगम की ओर से लिखित एनओसी दी जा चुकी है।
इसके अलावा शासन स्तर से जिलाधिकारी को भी इस संबंध में सूचना एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाने की बात उन्होंने कही। उन्होंने बताया कि लखनऊ से जिलाधिकारी के लिए शासनादेश जारी हुआ जिसके बाद जिलाधिकारी ने जांच के उपरांत नियमानुसार जमीन को सरकारी भू-अभिलेखों में हमारे पक्ष में दर्ज कराया। इसका पूरा रिकाॅर्ड ऑनलाइन भी उपलब्ध है।
सेवाराम कसाना ने आगे कहा, ''मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा और छवि को खराब करने के लिए कुछ लोग मेयर साहिबा को गुमराह कर रहे हैं। मेयर साहिबा को यदि कोई संशय हो तो वे सरकारी भूराजस्व के ऑनलाइन रिकॉर्ड की जाँच करा सकती हैं और मुझे अवसर दें तो मैं उन्हें अपनी पैतृक भूमि का अब से लेकर बावनसाला तक का पुराना रिकॉर्ड दिखा सकता हूँ, जिसमें एक एक ब्यौरा अंकित है।इससे पूरी स्थिति साफ हो जायेगी की हम भोपुरा के मूल निवासी हैं, ना कि भूमाफिया।''
चौधरी सेवाराम कसाना ने कहा कि मैं मेयर साहिबा के साथ ही जिला प्रशासन से भी आग्रह करता हूँ कि मुझ पर भूमाफिया होने के जो बेबुनियाद आरोप लग रहे हैं उसके मद्देनजर मेरी पैतृक भूमि के रिकॉर्ड/दस्तावेजों और माननीय न्यायालय के निर्णय का अवलोकन करा लिया जाए जिससे किसी तरह का विवाद उत्पन्न ना हो।'' उन्होंने प्रशासन की जांच में पूरा सहयोग करने की बात कही है।
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