नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के पश्चिमी इलाके में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने हड़कंप मचा दिया। मुंडका थाना क्षेत्र के टिकरी कलां इलाके में एक सीएनजी पंप पर गैस रीफिलिंग के दौरान ट्रक के सिलेंडर में जोरदार धमाका हो गया। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया है।
गैस भरते समय हुआ अचानक धमाका: दमकल विभाग के अनुसार, घटना बुधवार शाम करीब साढ़े तीन बजे टिकरी कलां मेट्रो स्टेशन के पास स्थित सीएनजी स्टेशन पर हुई। उस समय पंप पर वाहनों में सीएनजी भरने का सामान्य काम चल रहा था। इसी दौरान एक ट्रक में सीएनजी भरने के लिए नोजल लगाया गया। बताया जा रहा है कि जैसे ही गैस रीफिलिंग की प्रक्रिया शुरू हुई, उसी दौरान ट्रक के गैस सिलेंडर में अचानक तेज धमाका हो गया। धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। घटना के बाद पंप परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई और आसपास मौजूद लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे।
राहत-बचाव में जुटी टीमें: धमाके की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव दल ने स्थानीय पुलिस की मदद से घटनास्थल पर मोर्चा संभाला और घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पांच घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। हादसे में जान गंवाने वालों के शव पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं।
सिलेंडर में खराबी या तकनीकी वजह की जांच: हादसे के बाद पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञों की टीमें मौके पर पहुंचकर जांच कर रही हैं। प्रारंभिक तौर पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि धमाका ट्रक के सीएनजी सिलेंडर में किसी तकनीकी खराबी, गैस लीकेज या रीफिलिंग प्रक्रिया में हुई किसी चूक के कारण हुआ। जांच टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है और सीएनजी पंप के उपकरणों तथा ट्रक के सिलेंडर की तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल सकती है, ताकि हादसे से पहले और उसके समय की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके।
हादसे से मचा हड़कंप: सीएनजी पंप पर हुए जोरदार धमाके से आसपास के इलाके में भी हड़कंप मच गया। पुलिस ने एहतियात के तौर पर घटनास्थल की घेराबंदी कर लोगों की आवाजाही नियंत्रित की। राहत एवं बचाव कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया। फिलहाल पुलिस और संबंधित तकनीकी एजेंसियां हादसे के वास्तविक कारण का पता लगाने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही धमाके की सही वजह स्पष्ट हो सकेगी। हादसे में मृतकों और घायलों की आधिकारिक पहचान तथा उनकी स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।