दो नाइजीरियाई, एक घाना का नागरिक और दो भारतीय आरोपी शामिल; 12 करोड़ की हेरोइन-एमडीएमए बरामद
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो नाइजीरियाई नागरिक, घाना का एक नागरिक और दो भारतीय शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से कुल 2.554 किलोग्राम हेरोइन और 881 ग्राम एमडीएमए बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, बरामद मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 12 करोड़ रुपये है। इसके अलावा आरोपियों के पास से 11 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में मादक पदार्थों की तस्करी और सप्लाई करने वाले गिरोहों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान पुलिस टीम को एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली, जिसके तार विदेशी नागरिकों के साथ-साथ दिल्ली और एनसीआर में सक्रिय स्थानीय तस्करों से जुड़े हुए थे। सूचना के आधार पर पुलिस ने नेटवर्क की गतिविधियों पर निगरानी शुरू की और आरोपियों तक पहुंचने के लिए लगातार कार्रवाई की।
शाहदरा में अस्पताल के पास पकड़ा गया पहला आरोपी: जांच के दौरान 20 जुलाई की रात क्राइम ब्रांच की टीम ने शाहदरा इलाके में एक अस्पताल के पास नाइजीरियाई नागरिक मोरिस ओकाली को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, उसके पास मौजूद काले रंग के बैग की तलाशी लेने पर 2.004 किलोग्राम हेरोइन और 863 ग्राम एमडीएमए बरामद हुई। पूछताछ के दौरान पुलिस को नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों और उनकी गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके आधार पर जांच टीम ने दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में दबिश देकर नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया।
निलोठी से घाना और नाइजीरियाई नागरिक गिरफ्तार: पुलिस की आगे की कार्रवाई में चंदर विहार, निलोठी इलाके से घाना के नागरिक इमैनुएल और नाइजीरियाई नागरिक इबेग्बु चिगोजी सैमुअल को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, इमैनुएल के कब्जे से 14 ग्राम एमडीएमए, जबकि इबेग्बु चिगोजी सैमुअल के पास से 254 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस को नेटवर्क में शामिल स्थानीय आरोपियों के बारे में भी जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने दिल्ली के नंद नगरी निवासी समीर उर्फ नन्हे और गाजियाबाद निवासी एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, समीर के कब्जे से 300 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। दोनों भारतीय आरोपी कथित तौर पर दिल्ली-एनसीआर में मादक पदार्थों की खरीद, भंडारण, परिवहन और आगे सप्लाई की गतिविधियों से जुड़े हुए थे।
विदेशी नागरिकों और स्थानीय तस्करों का गठजोड़: क्राइम ब्रांच की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी एक संगठित नेटवर्क के रूप में काम कर रहे थे। इस नेटवर्क में विदेशी नागरिकों के साथ दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय स्थानीय तस्कर भी शामिल थे। पुलिस का कहना है कि गिरोह द्वारा हेरोइन और एमडीएमए को दिल्ली-एनसीआर में थोक और खुदरा स्तर पर सप्लाई किए जाने की आशंका है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद ड्रग्स की खेप कहां से लाई गई थी और इसके पीछे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है, ताकि उनके संपर्कों, लेनदेन और सप्लाई नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
सप्लाई चेन और ड्रग्स के स्रोत की तलाश: डीसीपी क्राइम ब्रांच संजीव कुमार यादव के अनुसार, जांच में भारतीय और विदेशी नागरिकों से जुड़ा एक संगठित ड्रग तस्करी नेटवर्क सामने आया है। यह नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर में हेरोइन और एमडीएमए की कथित तौर पर थोक एवं खुदरा सप्लाई कर रहा था। डीसीपी ने बताया कि पुलिस अब नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने के साथ-साथ बरामद मादक पदार्थों के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि ड्रग्स की खेप दिल्ली-एनसीआर तक किस माध्यम से पहुंचाई गई और इसे आगे किन-किन इलाकों में सप्लाई किया जाना था। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ और जब्त मोबाइल फोन की जांच के बाद ड्रग तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना है। क्राइम ब्रांच की जांच फिलहाल जारी है।
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