रेस्क्यू टीम ने दो को सुरक्षित निकाला, एक की तलाश देर रात तक जारी
गाजियाबाद। लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र के जोहरीपुर मेट्रो स्टेशन के पास गुलाब वाटिका में सोमवार शाम एक हार्डवेयर की दुकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय दुकान में कई लोग मौजूद थे। छत के मलबे में तीन लोगों के दबे होने की सूचना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, अग्निशमन विभाग, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। मलबे में दबे तीनों मजदूरों को देर रात तक निकाल लिया गया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।हादसा सोमवार शाम करीब पांच बजे हुआ। बताया गया कि गुलाब वाटिका स्थित पारस स्टील नामक हार्डवेयर की दुकान की छत अचानक गिर गई। दुकान के मालिक का नाम कुणाल जैन बताया गया है। शुरुआती जानकारी में एक व्यक्ति के मलबे में दबे होने की सूचना मिली थी। रेस्क्यू शुरू होने के बाद दो अन्य लोगों के भी मलबे में दबे होने की आशंका सामने आई।
रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे अजित और जतिन को बाहर निकाल लिया। दोनों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं, तीसरे मजदूर मुकेश के मलबे में दबे होने की जानकारी के बाद उसे निकालने के लिए देर रात तक बचाव अभियान जारी रहा। 32 वर्षीय मुकेश यादव को कई घंटे की मशक्कत के बाद मलवे से बाहर निकाला गया। मुकेश अचेत अवस्था में मिले और उन्हें तत्काल दिल्ली स्थित जीटीबी अस्पताल रेफर किया गया।
अंकुर विहार एसीपी अमरदीप मौर्य के मुताबिक, मलबे में दबे अजित और जतिन और मुकेश को निकालकर अस्पताल भेज दिया गया है। अग्निशमन विभाग के सीएफओ राहुल पॉल के अनुसार, दुकान में भारी मात्रा में हार्डवेयर का सामान रखा होने के कारण इमारत के अंदर गाटर पट्टी अपनी जगह से खिसक गए थे। कई पट्टियों और स्लैब में दरारें आ गई थी। ऑपरेशन के दौरान ऊपर से सामान और मलवा लगातार गिर रहा था. जिसके चलते रेस्क्यू ऑपरेशन मुश्किल हो रहा था।देर रात मुकेश को बाहर निकालने के बाद इमारत की जर्जर स्थिति और दोबारा गिरने की आशंका को देखते हुए बाकी मालवा को हटाने का काम रोकना पड़ा। हालांकि, एनडीआरएफ में अपनी लाइफ डिटेक्टर और ट्रैकिंग और डिटेक्शन डॉग्स की मदद से पूरे मलवा की जांच की। जांच में मलवा के अंदर किसी अन्य व्यक्ति के होने के संकेत नहीं मिले। इसके अलावा रेस्क्यू टीमों ने दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों और दुकान मालिक से जानकारी ली। उन्होंने भी बताया कि दुकान के अंदर अब कोई व्यक्ति मौजूद नहीं है। रात में तकरीबन 11:20 पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में जर्जर इमारत को सील कर दिया गया। हादसा किस कारण से हुआ, इसकी जांच की जा रही है।
Tags
गाजियाबाद

