वाहन चोरी के साथ ही धोखाधड़ी का मामला सुलझा: डीसीपी हरेश्वर वी. स्वामी
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर राजधानी में बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था के बीच पश्चिमी जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (AATS) ने वाहन चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने एक ही रजिस्ट्रेशन और चेसिस नंबर पर चल रही दो टोयोटा फॉर्च्यूनर गाड़ियां बरामद की हैं। तकनीकी जांच में दोनों वाहन चोरी के पाए गए। मामले में पुलिस ने विवेक विहार निवासी 23 वर्षीय आर्यन मावी को गिरफ्तार किया है।
पश्चिमी जिले के पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी. स्वामी के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर AATS की टीम वाहन डीलरों और संदिग्ध वाहनों पर लगातार नजर रख रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दिल्ली-एनसीआर में एक ही नंबर की दो फॉर्च्यूनर गाड़ियां चल रही हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम ने वाहनों की तलाश शुरू की और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी निगरानी और जमीनी स्तर पर की गई जांच के आधार पर पुलिस ने दोनों फॉर्च्यूनर को अलग-अलग स्थानों से बरामद कर लिया। इसके बाद दोनों वाहनों को अधिकृत टोयोटा सर्विस सेंटर ले जाकर तकनीकी जांच कराई गई। जांच में दोनों गाड़ियां चोरी की होने की पुष्टि हुई।
पुलिस जांच में सामने आया कि बरामद वाहनों में से एक का संबंध गांधी नगर थाने में दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले से है। इसके अलावा दोनों वाहनों का कनेक्शन गांधी नगर और प्रीत विहार थानों में दर्ज पुराने वाहन चोरी के मामलों से भी सामने आया है। इनमें थाना गांधी नगर और थाना प्रीत विहार में दर्ज E-FIR शामिल हैं। गांधी नगर थाने में दर्ज एक अन्य FIR में धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। बरामद वाहनों की जांच के दौरान इस मामले से भी उनका लिंक सामने आया है।
पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए गांधी नगर और प्रीत विहार थानों में दर्ज वाहन चोरी के पुराने मामलों के साथ-साथ गांधी नगर थाने के धोखाधड़ी के मामले का भी खुलासा किया है। डीसीपी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी आर्यन मावी से पूछताछ की जा रही है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की दोनों फॉर्च्यूनर उसके पास कैसे पहुंचीं और इनके पीछे किसी बड़े वाहन चोरी या फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह की भूमिका है या नहीं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
पश्चिमी जिले के पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी. स्वामी के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर AATS की टीम वाहन डीलरों और संदिग्ध वाहनों पर लगातार नजर रख रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दिल्ली-एनसीआर में एक ही नंबर की दो फॉर्च्यूनर गाड़ियां चल रही हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम ने वाहनों की तलाश शुरू की और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी निगरानी और जमीनी स्तर पर की गई जांच के आधार पर पुलिस ने दोनों फॉर्च्यूनर को अलग-अलग स्थानों से बरामद कर लिया। इसके बाद दोनों वाहनों को अधिकृत टोयोटा सर्विस सेंटर ले जाकर तकनीकी जांच कराई गई। जांच में दोनों गाड़ियां चोरी की होने की पुष्टि हुई।
पुलिस जांच में सामने आया कि बरामद वाहनों में से एक का संबंध गांधी नगर थाने में दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले से है। इसके अलावा दोनों वाहनों का कनेक्शन गांधी नगर और प्रीत विहार थानों में दर्ज पुराने वाहन चोरी के मामलों से भी सामने आया है। इनमें थाना गांधी नगर और थाना प्रीत विहार में दर्ज E-FIR शामिल हैं। गांधी नगर थाने में दर्ज एक अन्य FIR में धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। बरामद वाहनों की जांच के दौरान इस मामले से भी उनका लिंक सामने आया है।
पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए गांधी नगर और प्रीत विहार थानों में दर्ज वाहन चोरी के पुराने मामलों के साथ-साथ गांधी नगर थाने के धोखाधड़ी के मामले का भी खुलासा किया है। डीसीपी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी आर्यन मावी से पूछताछ की जा रही है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की दोनों फॉर्च्यूनर उसके पास कैसे पहुंचीं और इनके पीछे किसी बड़े वाहन चोरी या फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह की भूमिका है या नहीं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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