दिल्ली क्राइम ब्रांच ने नार्को-टेरर सिंडिकेट का किया भंडाफोड़, चार गिरफ्तार

कनाडा जा रही थी 3.5 करोड़ की अफीम, बदले में आ रहे थे हथियार

नई दिल्ली।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक कथित अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच के अनुसार, भारत से कनाडा भेजी जा रही अफीम की खेप के जरिए विदेश में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को आर्थिक मदद पहुंचाई जा रही थी। पुलिस ने इस नेटवर्क के तार प्रतिबंधित खालिस्तानी आतंकवादी अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला के नेटवर्क से जुड़े होने का दावा किया है। जांच में ड्रग्स के बदले हथियारों की कथित सप्लाई का गठजोड़ भी सामने आया है।
स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस, क्राइम ब्रांच एचजीएस धालीवाल के अनुसार, यह कार्रवाई केवल मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ नहीं, बल्कि नार्को-टेररिज्म के उस नेटवर्क के विरुद्ध है, जिसमें नशीले पदार्थों से अर्जित धन का इस्तेमाल कथित तौर पर देश विरोधी गतिविधियों और हथियारों की व्यवस्था के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि क्राइम ब्रांच ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने और इसमें शामिल सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में हरदीप सिंह बरनाला (पंजाब), यदविंदर सिंह उर्फ जशन संधू (30), निवासी सिरसा, हरियाणा, सिमरनजीत सिंह (24), निवासी बठिंडा, पंजाब और जीवन सिंह (23), निवासी बालोतरा, राजस्थान शामिल हैं। जांच के अनुसार, हरदीप सिंह कथित तौर पर नेटवर्क का ऑपरेशनल कोऑर्डिनेटर था, जबकि यदविंदर सिंह खरीद, पैकिंग और विदेशी संपर्कों के बीच कथित कड़ी के रूप में काम करता था। सिमरनजीत सिंह पर खेप भेजने और फर्जी केवाईसी की व्यवस्था करने का आरोप है। वहीं जीवन सिंह राजस्थान नेटवर्क के कथित डिस्पैचर के रूप में काम कर रहा था। पुलिस के अनुसार हरदीप सिंह के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज है। 
कनाडा भेजी जा रही थी अफीम की खेप: क्राइम ब्रांच के अनुसार, मामला 7 फरवरी 2026 को सामने आया, जब पुलिस को सूचना मिली कि दिल्ली से कनाडा भेजे जाने वाले एक कूरियर पार्सल में खाद्य सामग्री के नीचे मादक पदार्थ छिपाकर भेजा जा रहा है। सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम मोती नगर स्थित कूरियर कंपनी पहुंची और संदिग्ध पार्सल की जांच की। पुलिस के मुताबिक कार्टन के भीतर चांदी की फॉयल से तैयार एक फर्जी तल बनाया गया था। इसके नीचे करीब 2.998 किलोग्राम अफीम छिपाकर रखी गई थी। पार्सल में ऊपर से बिस्किट, मिठाई और अन्य सामान्य खाद्य सामग्री रखी गई थी, ताकि किसी को शक न हो।
अलग-अलग राज्यों तक फैला नेटवर्क: पार्सल बरामद होने के बाद क्राइम ब्रांच ने कूरियर चेन, मोबाइल फोन, बैंक खातों, डिजिटल बातचीत और पैसों के लेनदेन की जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर नेटवर्क के तार पंजाब, हरियाणा और राजस्थान तक पहुंचने की बात सामने आई। पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान अलग-अलग खेपों से कुल 5.138 किलोग्राम अफीम बरामद की गई। पुलिस का आरोप है कि अफीम की बिक्री से प्राप्त रकम का इस्तेमाल विदेश में सक्रिय नेटवर्क को आर्थिक सहायता देने और हथियारों की व्यवस्था में किया जाता था। 
ड्रग्स के बदले हथियारों की सप्लाई की जांच: जांच में पुलिस को कथित तौर पर यह भी पता चला कि नशीले पदार्थों से प्राप्त धन के बदले हथियारों की व्यवस्था की जा रही थी। पुलिस के अनुसार, पंजाब में सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से हथियार पहुंचाए जाने की आशंका की भी जांच की जा रही है। नेटवर्क के सदस्य कथित तौर पर एन्क्रिप्टेड एप्लीकेशन और इंटरनेट आधारित नंबरों के जरिए आपस में संपर्क करते थे।पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क, इसके विदेशी संपर्कों, वित्तीय लेनदेन और ड्रग्स-फॉर-हथियार कनेक्शन की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, अर्श डल्ला और उसके विदेशी हैंडलरों सहित अन्य फरार आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है। कनाडा में बरामदगी से जुड़ी खेप की अनुमानित अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 3.5 करोड़ रुपये बताई गई है। क्राइम ब्रांच का कहना है कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां एवं बरामदगी संभव है।

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-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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