5 करोड़ के लेन-देन वाले धोखाधड़ी कांड में SIT का शिकंजा

फरार आरोपियों को घर में पनाह देने वाला जगदीश ग्रोवर गिरफ्तार

गाजियाबाद।
दुकान और फ्लैट दिलाने के नाम पर लोगों से कथित तौर पर धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल और करोड़ों रुपये के लेन-देन से जुड़े मामले में पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। थाना नन्दग्राम में दर्ज गंभीर मुकदमे की जांच कर रही SIT ने फरार आरोपियों को कथित रूप से अपने घर में पनाह देने वाले जगदीश ग्रोवर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के बैंक खाते में करीब 5 करोड़ रुपये की धनराशि पहुंचने की बात पूछताछ में सामने आई है।
पुलिस के अनुसार 11 सितंबर 2026 को SIT ने कार्रवाई करते हुए जगदीश ग्रोवर पुत्र स्वर्गीय ओमप्रकाश ग्रोवर, उम्र करीब 62 वर्ष, निवासी K-30, क्रांति नगर, थाना बिलासपुर, छत्तीसगढ़ को मोरटा राजनगर चौकी क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ के हवाले से बताया गया है कि जगदीश ग्रोवर की पुत्री निधि मक्कड़, उसके पति वरुण मक्कड़ और नितिन शर्मा उर्फ दीपक शर्मा द्वारा RIGHT EARTH INFRA एवं ASR Realtech के नाम से लोगों को आकर्षक दरों पर दुकान और फ्लैट उपलब्ध कराने का झांसा दिया जाता था। आरोप है कि लोगों को प्रॉपर्टी दिलाने का भरोसा देकर उनसे रकम प्राप्त की जाती थी और बाद में कथित तौर पर कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से धोखाधड़ी की जाती थी।
खाते में पहुंचे करीब 5 करोड़ रुपये!: SIT की पूछताछ में सामने आई जानकारी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस के मुताबिक जगदीश ग्रोवर के बैंक खाते में करीब 5 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई। अब जांच का अहम बिंदु यही है कि यह रकम कब, किस-किस खाते से और किन परिस्थितियों में उसके खाते में पहुंची तथा इसका कथित प्रॉपर्टी कारोबार से क्या संबंध था।
पुलिस इस वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक मुकदमा दर्ज होने के बाद मुख्य वांछित आरोपी वरुण मक्कड़, निधि मक्कड़ और नितिन शर्मा उर्फ दीपक शर्मा फरार हो गए थे। आरोप है कि फरारी के दौरान तीनों जगदीश ग्रोवर के बिलासपुर स्थित मकान पर पहुंचे। पुलिस का दावा है कि जगदीश ग्रोवर ने उन्हें अपने घर में ठहराया, भोजन-पानी उपलब्ध कराया और पुलिस की पकड़ से बचाने में सहयोग किया। जांच के दौरान जब उसकी भूमिका सामने आई तो SIT ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
अब फरार आरोपियों पर पुलिस की नजर: मामले में वरुण मक्कड़, निधि मक्कड़ और नितिन शर्मा उर्फ दीपक शर्मा पुलिस के लिए प्रमुख लक्ष्य बने हुए हैं। पुलिस के अनुसार ये आरोपी मामले में वांछित हैं और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। SIT की कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा केवल कथित ठगी तक सीमित नहीं रहने वाला है। करोड़ों रुपये के लेन-देन, कथित कूटरचित दस्तावेजों, प्रॉपर्टी के नाम पर रकम लेने और फरार आरोपियों को कथित रूप से पनाह देने की पूरी कड़ी को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। ग्रोवर की गिरफ्तारी निरीक्षक सतराज सिंह के नेतृत्व में गठित SIT टीम और थाना नन्दग्राम पुलिस द्वारा की गई।

ALERT AFSARSHAHI

-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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