गाजियाबाद का आरटीओ कार्यालय कागजों में ‘दलाल मुक्त’-धरातल पर ‘दलाल युक्त’

एक दिन के एक्शन की निकली हवा, दहलीज पर फिर से जमे दलाल

जमीनी हकीकतः ऑनलाइन आवेदन करने वाले खा रहे धक्का, दलाल से कराओ तो काम पक्का 

सुमित शर्मा
-----------------
गाजियाबाद। खबर का असर हुआ, दफ्तर में हलचल मची, अफसर सड़कों पर उतरे और दलालों के ठिकानों पर बुलडोजर जैसी तेजी से झाड़ू फेर दी गई। लेकिन ठहरिए! यह गाजियाबाद संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) का वही पुराना और चिर-परिचित अंदाज है, जिसका 'इंटरवल' शनिवार को चेतावनी के साथ हुआ था और 'क्लाइमेक्स' सोमवार को फिर वही पुराना दलाली का अड्डा सजने के साथ खत्म हो गया। प्रशासन के दावों और खोखली चेतावनियों की धज्जियां उड़ाते हुए दलाल एक बार फिर आरटीओ परिसर के बाहर अपनी दुकानें सजाकर हो गए।
एक दिन की 'दिखावटी' कार्रवाई, फिर वही पुराना धंधा: 'अलर्ट अफसरशाही' में खबर छपने के बाद एआरटीओ प्रशासन अशोक कुमार श्रीवास्तव शनिवार को पुलिस टीम के साथ परिसर के बाहर उतरे थे। भारी-भरकम लाव-लश्कर के साथ अवैध दुकानें हटवाई गईं, ठेले खदेड़े गए और कानून का ऐसा डर दिखाया गया मानो अब आरटीओ परिसर में परिंदा भी दलाली के नाम पर पर नहीं मार सकेगा। सख्त कानूनी कार्रवाई की घुड़की भी दी गई।
लेकिन, सोमवार की सुबह होते-होते इस कथित 'मुहिम' का गुब्बारा फूट गया। चेतावनी की हवा निकल गई और दलाल अपनी-अपनी सीटों पर ऐसे जम गए मानो आरटीओ का समानांतर प्रशासनिक ढांचा वही चला रहे हों। दफ्तर आने वाले सीधे-साधे आवेदकों को "मिनटों में बिना झंझट काम कराने" का झांसा खुलेआम दिया जा रहा है, और आरटीओ प्रशासन अपनी ही नाकामी पर खामोश बैठा है।
ऑनलाइन व्यवस्था का सच: बिना 'सुविधा शुल्क' के चक्कर काटते रहिए: सरकारी दावों में परिवहन विभाग की सेवाएं 'हाईटेक' और 'ऑनलाइन' हो चुकी हैं, लेकिन धरातल की हकीकत यह है कि आम जनता को सिस्टम नहीं, बल्कि दलालों का नेटवर्क पार लगाता है। ताजा कुछ मामले अखबारों की सुर्खियों में आए हैं जिनमें आवेदकों की पीड़ा और परेशानी पर खबरें भी प्रकाशित हुई हैं।  
केस 1 (स्थायी लाइसेंस):
आरटीओ पहुंचे श्रीहरि शर्मा का दर्द इस तंत्र की कड़वी सच्चाई बयां करता है। उन्होंने बताया कि लाख दावे कर लिए जाएं, लेकिन लाइसेंस स्थायी कराने के लिए बाहर बैठे दलालों की देहरी लांघनी ही पड़ती है। खुद चक्कर काटो तो फाइल में नुक्स, दलाल को पकड़ो तो काम चुटकियों में!
केस 2 (आरसी ट्रांसफर): आकाश कुमार कई दिनों से गाड़ी की आरसी ट्रांसफर कराने के लिए अफसरों के दफ्तर की चौखट घिस रहे हैं। हर बार कागजों में कोई न कोई कमी निकालकर उन्हें टरका दिया जाता है। आकाश का सीधा आरोप है कि बिना दलालों की जेब गर्म किए इस दफ्तर में एक पत्ता भी नहीं हिलता।
जब 'सारथी' बना लाचार, तो दलालों की आई बहार: सिस्टम की इस नाकामी को खाद-पानी देने का काम कर रहा है विभाग का 'सारथी' पोर्टल। शुक्रवार को सारथी पोर्टल का सर्वर ऐसा ठप पड़ा कि करीब 600 आवेदकों की फाइलें अधर में लटक गईं। स्लॉट बुकिंग और समय मिलने के बावजूद 60 से ज्यादा लोग बैरंग लौटने को मजबूर हुए।
दो दिन से चक्कर काट रहे आलोक उपाध्याय हों या स्थायी लाइसेंस के लिए स्लॉट बुक करने को तरस रहे सौरभ—किसी के पास अफसरों का कोई ठोस जवाब नहीं है। अफसरों का रटा-रटाया जवाब है—"सर्वर डाउन है, लखनऊ सूचना दे दी गई है।" लेकिन असली सवाल यह है कि जब-जब सरकारी सर्वर हांफता है, तब-तब आम आदमी मजबूर होकर दलालों के शिकंजे में क्यों फंसता है? क्या पोर्टल का बार-बार ठप होना महज एक तकनीकी खामी है, या फिर यह दलाली तंत्र को जिंदा रखने का कोई संगठित जरिया?
बड़ा सवाल: दावों की हवा, दलालों की जय-जयकार: 
आरटीओ को 'दलाल मुक्त' बनाने के अधिकारियों के दावे महज़ कागजी बयानबाजी और प्रेस नोट तक सीमित होकर रह गए हैं। एक दिन की कार्रवाई केवल मीडिया की सुर्खियों और उच्चाधिकारियों को दिखाने के लिए 'इवेंट मैनेजमेंट' बनकर रह गई है। जब तक आरटीओ के भीतर बैठे कर्मचारियों और बाहर बैठे दलालों का यह नापाक गठजोड़ नहीं टूटेगा, तब तक आम जनता यूं ही भटकती रहेगी और 'अभियान' के नाम पर आरटीओ में यह तमाशा ऐसे ही चलता रहेगा। आरटीओ विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को इस मामले पर गंभीर होते हुए सख्त कदम उठाने की जरूरत है ताकि आरटीओ कार्यालय दलालों के मकड़जाल से मुक्त हो सके और आवदेकों को फेसलेस सुविधाएं सुलभ हो सकें।

ALERT AFSARSHAHI

-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने