बोलीं- ‘हनुमान अंश-2’ पर शुरू हो चुका है काम, युवाओं तक पहुंचाना है भक्ति का संदेश
गाजियाबाद। करीब दो करोड़ रुपये के बजट में बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों दर्शकों के बीच अपनी जगह बना रही है। फिल्म की निर्माता महज 21 वर्षीय अनुप्रिया नागर एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने गाजियाबाद पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने फिल्म के निर्माण से लेकर उसकी सफलता और आगे की योजनाओं को लेकर बातचीत की। नीम करौली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा से प्रेरित ‘हनुमान अंश’ रिलीज के बाद धीरे-धीरे दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने में सफल रही है। फिल्म की खास बात यह है कि इसे इतनी कम उम्र में अनुप्रिया नागर ने प्रोड्यूस किया है।युवाओं को भक्ति से जोड़ने का प्रयास: अनुप्रिया नागर ने बताया कि उनका सपना ऐसी फिल्म बनाने का था, जिसका जुड़ाव भक्ति से हो, लेकिन जिसे आज की युवा पीढ़ी भी आसानी से समझ और महसूस कर सके। उन्होंने कहा कि आज युवा पढ़ाई, करियर और प्रतिस्पर्धा की दौड़ में लगातार आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। इस भागदौड़ में कई बार वे अपने वर्तमान और जीवन के वास्तविक आनंद को जीना भूल जाते हैं। इसी सोच ने उन्हें ‘हनुमान अंश’ बनाने के लिए प्रेरित किया। उनका उद्देश्य था कि फिल्म के माध्यम से बच्चों और युवाओं तक भक्ति, आध्यात्मिकता और जीवन को सकारात्मक नजरिए से देखने का संदेश पहुंचाया जा सके। फिल्म को देखने के लिए बुजुर्गों के साथ-साथ बच्चे और युवा भी सिनेमाघरों तक पहुंच रहे हैं।
स्टीव जॉब्स की कहानी तलाशते हुए नीम करौली बाबा तक पहुंचीं: अनुप्रिया के मुताबिक फिल्म का सफर एक अलग ही सोच के साथ शुरू हुआ था। वह स्टीव जॉब्स की कहानी और उनके जीवन से जुड़े आध्यात्मिक पहलुओं पर जानकारी तलाश रही थीं। इसी दौरान उन्हें नीम करौली बाबा के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद उनकी रुचि बाबा के जीवन, आध्यात्मिक यात्रा और उनके विचारों में बढ़ती गई। अनुप्रिया इसे यूके से उत्तराखंड तक का सफर बताती हैं, जिसने अंततः फिल्म के निर्माण का रूप ले लिया।
प्रचार के लिए संतों से आशीर्वाद लेने निकलीं: अनुप्रिया ने बताया कि फिल्म के प्रचार के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं था। ऐसे में उन्होंने अलग रास्ता अपनाया और संतों से मिलने तथा उनका आशीर्वाद लेने का निर्णय लिया। इसकी शुरुआत वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से मुलाकात से हुई। इसके बाद वह बागेश्वर धाम पहुंचीं। उनके मुताबिक एक समय ऐसा भी आया जब फिल्म को दर्शकों का अपेक्षित समर्थन नहीं मिल रहा था और फिल्म के सिनेमाघरों से उतरने की स्थिति बन गई थी। इसी दौरान बागेश्वर धाम में धीरेंद्र शास्त्री से मुलाकात और उनका आशीर्वाद मिला। अनुप्रिया का कहना है कि इसके बाद फिल्म को दोबारा दर्शकों का समर्थन मिलने लगा और इसकी कमाई में भी बढ़ोतरी हुई।
सफलता के बाद फिर पहुंचीं प्रेमानंद महाराज के पास: फिल्म को मिली सफलता के बाद अनुप्रिया एक बार फिर प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचीं। उन्होंने फिल्म की सफलता पर प्रसन्नता जताते हुए अनुप्रिया को आशीर्वाद दिया। अनुप्रिया ने बताया कि अब ‘हनुमान अंश-2’ पर काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा भविष्य में उनकी इच्छा संभल स्थित कल्कि धाम पर भी फिल्म बनाने की है। 21 वर्ष की उम्र में फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखने वाली अनुप्रिया नागर का कहना है कि सिनेमा उनके लिए सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और खासकर युवा पीढ़ी तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने का जरिया भी है।
सफलता के बाद फिर पहुंचीं प्रेमानंद महाराज के पास: फिल्म को मिली सफलता के बाद अनुप्रिया एक बार फिर प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचीं। उन्होंने फिल्म की सफलता पर प्रसन्नता जताते हुए अनुप्रिया को आशीर्वाद दिया। अनुप्रिया ने बताया कि अब ‘हनुमान अंश-2’ पर काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा भविष्य में उनकी इच्छा संभल स्थित कल्कि धाम पर भी फिल्म बनाने की है। 21 वर्ष की उम्र में फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखने वाली अनुप्रिया नागर का कहना है कि सिनेमा उनके लिए सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और खासकर युवा पीढ़ी तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने का जरिया भी है।
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