‘आओ सपने बुने अवार्ड’ समारोह में रचनात्मक पहलों की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना, एक महिला और तीन पुरुष बंदियों को भी मिला पुरस्कार
गाजियाबाद। जिला कारागार में बंदियों के पुनर्वास, रचनात्मकता और प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली हैं। स्वयंसेवी संस्था ‘इंडिया विजन फाउंडेशन’ के तत्वावधान में देशभर की जेलों के बीच आयोजित ‘आओ सपने बुने अवार्ड-2026’ पुरस्कार वितरण समारोह में जिला कारागार को उसकी अनूठी पहलों, रचनात्मक गतिविधियों और बंदियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिष्ठित ‘क्रिएटिव एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। समारोह में जिला कारागार की रचनात्मक गतिविधियों और बंदियों की प्रतिभा को विशेष रूप से सराहा गया। इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में कारागार को सर्वाधिक पुरस्कार प्राप्त होने से जेल प्रशासन और बंदियों के बीच खुशी का माहौल देखने को मिला।कारागार की अनूठी पहलों को मिली राष्ट्रीय पहचान: ‘आओ सपने बुने अवार्ड-2026’ का उद्देश्य देश की विभिन्न जेलों में निरुद्ध बंदियों की रचनात्मक प्रतिभा को सामने लाना तथा उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना हैं। इसी क्रम में विभिन्न जेलों से बंदियों की पेंटिंग,ड्राइंग,क्रिएटिव राइटिंग सहित अन्य रचनात्मक कार्यों का मूल्यांकन किया गया। जिला कारागार गाजियाबाद की ओर से प्रस्तुत रचनात्मक कार्यों और कारागार में संचालित सकारात्मक गतिविधियों ने निर्णायकों का ध्यान आकर्षित किया। इसके परिणामस्वरूप गाजियाबाद जिला कारागार को ‘क्रिएटिव एक्सीलेंस अवार्ड’ प्रदान किया गया।
मुख्य अतिथि ने अधीक्षक को प्रदान किए पुरस्कार: पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि गाजियाबाद के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त केशव कुमार चौधरी (IPS) रहे। उन्होंने जिला कारागार गाजियाबाद को प्रदान किए गए ‘क्रिएटिव एक्सीलेंस अवार्ड’ सहित अन्य पुरस्कार जिला कारागार के अधीक्षक सीताराम शर्मा को प्रदान किए। इस अवसर पर कारागार प्रशासन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। पुरस्कार मिलने से बंदियों में भी उत्साह बढ़ा और उन्हें अपनी रचनात्मक प्रतिभा को आगे विकसित करने की प्रेरणा मिली।
बंदियों के पुनर्वास में रचनात्मक गतिविधियों की अहम भूमिका: जेल प्रशासन द्वारा बंदियों को केवल कारावास तक सीमित रखने के बजाय उनकी प्रतिभा को सकारात्मक दिशा देने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।पेंटिंग, ड्राइंग, लेखन और अन्य रचनात्मक गतिविधियां बंदियों के भीतर छिपी प्रतिभा को सामने लाने के साथ-साथ उनके मानसिक और सामाजिक पुनर्वास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।‘आओ सपने बुने अवार्ड-2026’ में जिला कारागार गाज़ियाबाद को मिला सम्मान इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा हैं।
गाजियाबाद जिला कारागार को मिले सर्वाधिक पुरस्कार: इस आयोजन की खास उपलब्धि यह रही कि जिला कारागार गाजियाबाद को सर्वाधिक पुरस्कार प्राप्त हुए। कारागार को मिले संस्थागत सम्मान के साथ-साथ चार बंदियों की व्यक्तिगत प्रतिभा को भी राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली। कारागार प्रशासन का कहना है कि इस प्रकार के आयोजन बंदियों के भीतर सकारात्मक सोच विकसित करने,उनकी प्रतिभा को निखारने और समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए उन्हें प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिला कारागार गाज़ियाबाद की इस उपलब्धि से न केवल कारागार प्रशासन बल्कि वहां निरुद्ध बंदियों और उनके परिजनों में भी उत्साह का माहौल हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान भविष्य में जेल के भीतर रचनात्मक और पुनर्वास संबंधी गतिविधियों को और अधिक गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती हैं।उत्तर प्रदेश कारागार विभाग की ओर से बंदियों के कौशल विकास, रचनात्मकता और पुनर्वास को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच गाज़ियाबाद जिला कारागार की यह उपलब्धि उल्लेखनीय मानी जा रही हैं।
Tags
गाजियाबाद