नालों की जमीन भी बेचने का आरोप, अफसर बोले-अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई जारी रहेगी
गाजियाबाद। मुरादनगर क्षेत्र में बिना अनुमति विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी के खिलाफ गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने बड़ी कार्रवाई की। प्रवर्तन जोन-2 की टीम ने ग्राम मोहद्दीनपुर हिसाली में करीब 11 हजार वर्गमीटर भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर निर्माण कार्य रुकवा दिया। कार्रवाई के दौरान स्थानीय कॉलोनाइजरों और निर्माणकर्ताओं ने विरोध किया, लेकिन प्राधिकरण पुलिस की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी की गई।
जीडीए के अनुसार, कार्रवाई ग्राम मोहद्दीनपुर हिसाली, कनौजा रोड, मुरादनगर स्थित खसरा संख्या-322 में की गई। जांच में सामने आया कि करीब 11 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। मौके पर संबंधित लोगों द्वारा प्लाटिंग अथवा निर्माण के लिए आवश्यक स्वीकृतियां और भू-अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं किए जा सके। जांच के दौरान प्राधिकरण की टीम को यह भी जानकारी मिली कि अवैध प्लाटिंग में नालों की भूमि को भी प्लॉट के रूप में बेचने का प्रयास किया गया था। प्राधिकरण ने मौके पर चल रहे निर्माण एवं प्लाटिंग कार्य को तत्काल बंद कराया और अवैध रूप से किए गए निर्माण व विकास कार्य को ध्वस्त कर दिया।
कार्रवाई प्रभारी प्रवर्तन जोन-2 के नेतृत्व में की गई। इस दौरान अनुराग गर्ग और पंकज चौधरी समेत प्राधिकरण के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान स्थानीय निर्माणकर्ताओं और कॉलोनाइजरों ने विरोध करने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए प्राधिकरण पुलिस बल ने मौके पर व्यवस्था संभाली, जिसके बाद टीम ने कार्रवाई जारी रखते हुए अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता, अवर अभियंता, प्रवर्तन जोन-2 का स्टाफ, प्राधिकरण पुलिस बल और प्रवर्तन दस्ता मौजूद रहा।
जीडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृति विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्राधिकरण की ओर से ऐसे मामलों में ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि अनधिकृत कॉलोनियों में जमीन या प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित भूमि और लेआउट की वैधता की जांच अवश्य करें, ताकि बाद में उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े।
जीडीए के अनुसार, कार्रवाई ग्राम मोहद्दीनपुर हिसाली, कनौजा रोड, मुरादनगर स्थित खसरा संख्या-322 में की गई। जांच में सामने आया कि करीब 11 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। मौके पर संबंधित लोगों द्वारा प्लाटिंग अथवा निर्माण के लिए आवश्यक स्वीकृतियां और भू-अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं किए जा सके। जांच के दौरान प्राधिकरण की टीम को यह भी जानकारी मिली कि अवैध प्लाटिंग में नालों की भूमि को भी प्लॉट के रूप में बेचने का प्रयास किया गया था। प्राधिकरण ने मौके पर चल रहे निर्माण एवं प्लाटिंग कार्य को तत्काल बंद कराया और अवैध रूप से किए गए निर्माण व विकास कार्य को ध्वस्त कर दिया।
कार्रवाई प्रभारी प्रवर्तन जोन-2 के नेतृत्व में की गई। इस दौरान अनुराग गर्ग और पंकज चौधरी समेत प्राधिकरण के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान स्थानीय निर्माणकर्ताओं और कॉलोनाइजरों ने विरोध करने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए प्राधिकरण पुलिस बल ने मौके पर व्यवस्था संभाली, जिसके बाद टीम ने कार्रवाई जारी रखते हुए अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता, अवर अभियंता, प्रवर्तन जोन-2 का स्टाफ, प्राधिकरण पुलिस बल और प्रवर्तन दस्ता मौजूद रहा।
जीडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृति विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्राधिकरण की ओर से ऐसे मामलों में ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि अनधिकृत कॉलोनियों में जमीन या प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित भूमि और लेआउट की वैधता की जांच अवश्य करें, ताकि बाद में उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े।
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