लोनी में सबसे ज्यादा 10 लोग चिन्हित, गरीबों की जमीन पर कब्जे की शिकायतों को प्रशासन गंभीर
गाजियाबाद। जिले में भूमाफिया के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। गरीब और आम लोगों की जमीन पर अवैध कब्जा करने, जमीन की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी करने तथा एक ही जमीन को कई लोगों को बेचने जैसे मामलों में तहसील स्तर पर गठित भूमाफिया टास्क फोर्स जांच कर रही है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ के निर्देश पर चल रही इस कार्रवाई में अब तक 13 नए लोगों को भूमाफिया के रूप में चिन्हित किया गया है।
प्रशासन के अनुसार, तहसील स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में भूमाफिया टास्क फोर्स गठित है। टीम को जमीन से जुड़े विवादों, अवैध कब्जों और जमीन की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी की शिकायतों की जांच की जिम्मेदारी दी गई है। जांच के दौरान सामने आए मामलों में दस्तावेजों, राजस्व अभिलेखों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। प्रशासन की जांच में चिन्हित किए गए 13 लोगों में 10 लोग लोनी तहसील, दो सदर तहसील और एक व्यक्ति मोदीनगर तहसील से संबंधित है। इन सभी के खिलाफ भूमाफिया के रूप में कार्रवाई के प्रस्ताव संबंधित अधिकारियों को भेजे जा रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, कुछ मामलों में जमीन पर अवैध कब्जे के साथ-साथ एक ही संपत्ति को अलग-अलग लोगों को बेचने की शिकायतें भी सामने आई हैं। जिन मामलों में एफआईआर दर्ज है अथवा न्यायालय या प्रशासनिक स्तर पर प्रकरण लंबित हैं, उनमें उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
दस्तावेज और साक्ष्यों की हो रही जांच प्रशासन का कहना है कि किसी व्यक्ति को भूमाफिया के रूप में चिन्हित करने से पहले संबंधित मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। राजस्व रिकॉर्ड, जमीन के दस्तावेज, कब्जे की स्थिति और दर्ज मुकदमों समेत अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गरीब और आम लोगों की जमीन पर अवैध कब्जे तथा जमीन के नाम पर धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रशासन की इस कार्रवाई से जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों और फर्जीवाड़े के जरिए संपत्ति हथियाने वालों पर शिकंजा कसने की उम्मीद है। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि पात्र पीड़ितों की समस्याओं का जल्द समाधान हो और उन्हें अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
प्रशासन के अनुसार, तहसील स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में भूमाफिया टास्क फोर्स गठित है। टीम को जमीन से जुड़े विवादों, अवैध कब्जों और जमीन की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी की शिकायतों की जांच की जिम्मेदारी दी गई है। जांच के दौरान सामने आए मामलों में दस्तावेजों, राजस्व अभिलेखों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। प्रशासन की जांच में चिन्हित किए गए 13 लोगों में 10 लोग लोनी तहसील, दो सदर तहसील और एक व्यक्ति मोदीनगर तहसील से संबंधित है। इन सभी के खिलाफ भूमाफिया के रूप में कार्रवाई के प्रस्ताव संबंधित अधिकारियों को भेजे जा रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, कुछ मामलों में जमीन पर अवैध कब्जे के साथ-साथ एक ही संपत्ति को अलग-अलग लोगों को बेचने की शिकायतें भी सामने आई हैं। जिन मामलों में एफआईआर दर्ज है अथवा न्यायालय या प्रशासनिक स्तर पर प्रकरण लंबित हैं, उनमें उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
दस्तावेज और साक्ष्यों की हो रही जांच प्रशासन का कहना है कि किसी व्यक्ति को भूमाफिया के रूप में चिन्हित करने से पहले संबंधित मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। राजस्व रिकॉर्ड, जमीन के दस्तावेज, कब्जे की स्थिति और दर्ज मुकदमों समेत अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गरीब और आम लोगों की जमीन पर अवैध कब्जे तथा जमीन के नाम पर धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रशासन की इस कार्रवाई से जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों और फर्जीवाड़े के जरिए संपत्ति हथियाने वालों पर शिकंजा कसने की उम्मीद है। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि पात्र पीड़ितों की समस्याओं का जल्द समाधान हो और उन्हें अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
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