छह राज्यों में 17 ठगी की घटनाओं से जुड़े तार, बीमा रिफंड के नाम पर ठगी करने वाले तीन गिरफ्तार

खुलासाः बीमा कंपनी का अधिकारी बनकर पॉलिसीधारकों से की 19 लाख की ठगी

गाजियाबाद। 
क्राइम ब्रांच गाजियाबाद और थाना इंदिरापुरम पुलिस की संयुक्त टीम ने विभिन्न बीमा पॉलिसी कंपनियों के ग्राहक सेवा अधिकारी बनकर पॉलिसीधारकों को रिन्यूअल और रिफंड का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन, बैंक खातों और मोबाइल में उपलब्ध कूटरचित बीमा पॉलिसियों की जांच में छह राज्यों महाराष्ट्र, हरियाणा, पुडुचेरी, उत्तराखंड, तेलंगाना और राजस्थान में कुल 17 घटनाएं NCRB पोर्टल पर पंजीकृत मिली हैं। इन घटनाओं से संबंधित शिकायतों में करीब 19 लाख रुपये की ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) अमित सक्सेना  के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गणेश दयाल उर्फ सिड पुत्र कुन्दन सिंह निवासी  शक्तिखंड, इंदिरापुरम, गाजियाबाद, पुनीत गुप्ता पुत्र गंगाप्रसाद गुप्ता निवासी निगरी बिसरख नोएडा और  आदित्य शर्मा पुत्र हरीश शर्मा निवासी जाटीवाड़ा नेहरू नगर सिहानी गेट गाजियाबाद के रूप में हुई है। आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन, एक चेकबुक, एक एटीएम कार्ड और पॉलिसीधारकों से संबंधित एक डाटा लिस्ट बरामद की गई है। 
बीमा कंपनी का अधिकारी बनकर करते थे संपर्क: एसीपी के मुताबिक, आरोपी विभिन्न बीमा कंपनियों के ग्राहक सेवा अधिकारी बनकर पॉलिसीधारकों को फोन करते थे। इसके बाद बीमा पॉलिसी को रिन्यू कराने या रिफंड दिलाने का झूठा लालच देकर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कराते थे। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गिरोह के सदस्य फर्जी पहचान बनाकर पॉलिसीधारकों से संपर्क करते थे। पॉलिसीधारकों को फोन करने के लिए फर्जी आईडी पर पहले से एक्टिवेट सिम कार्ड उपलब्ध कराने का काम पुनीत गुप्ता करता था, जबकि पॉलिसीधारकों से संबंधित डाटा और पैसे ट्रांसफर कराने की जानकारी गणेश दयाल उपलब्ध कराता था।
शिकायत होने पर फर्जी चेक भेजकर करते थे गुमराह
एसीपी के अनुसार, ठगी का शिकार होने के बाद जब कोई पॉलिसीधारक शिकायत करता था तो आरोपी उसे फर्जी चेक बनाकर व्हाट्सऐप के माध्यम से भेज देते थे। शिकायतकर्ता द्वारा ज्यादा दबाव बनाने पर आरोपी इस्तेमाल किए गए फर्जी सिम और मोबाइल फोन को तोड़कर या फेंक देते थे, ताकि पुलिस की पकड़ से बच सकें। पूछताछ में आरोपियों ने यह भी बताया कि इस काम में राहुल मिश्रा समेत अन्य लोग भी शामिल हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन, 1 चेकबुक, 1 एटीएम कार्ड,  पॉलिसीधारकों से संबंधित 1 डाटा लिस्ट बरामद की है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की अन्य घटनाओं के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। 

ALERT AFSARSHAHI

-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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